केरल में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की लोकप्रियता लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। साल 2025 में अब तक 95,899 ईवी रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जो पूरे 2024 के मुकाबले 12,631 ज़्यादा हैं। जबकि साल खत्म होने में अभी एक महीना बाकी है।
इस साल ईवी की सालाना ग्रोथ 15% से ज्यादा रही है, जबकि 2024 में यह बढ़त 9.83% थी।
ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि राज्य में ईवी को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदली है और बीते दो वर्षों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है।
टू-व्हीलर ईवी बने बिक्री की रीढ़
राज्य में ईवी बिक्री की कमान इस वक्त इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के हाथ में है। युवा ऑफिस जाने वाले लोग, गिग वर्कर्स और रोजमर्रा के खर्च कम करने की चाह रखने वाले परिवार इस सेगमेंट के सबसे बड़े ग्राहक बन चुके हैं।
ईवीएम ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट (प्रोजेक्ट्स) नोबल जैकब एम बताते हैं कि शुरुआत में ग्राहक रेंज को लेकर डरे हुए थे। लेकिन 2023 के बाद ग्राहकों की मानसिकता पूरी तरह बदल गई, और अब इलेक्ट्रिक स्कूटर उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज़ी से बिकने लगे हैं।
कीमतों में गिरावट से मिली EV को नई रफ्तार
ईवी की बढ़ती मांग के पीछे कीमतों में आया सुधार भी एक बड़ी वजह है। पहले पेट्रोल-डीज़ल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बीच कीमत का अंतर 50% से ज्यादा होता था, जो अब घटकर 25% से भी कम रह गया है।
इसके साथ ही कम आवाज, कम वाइब्रेशन और स्मूद ड्राइविंग अनुभव ने ईवी को डेली इस्तेमाल के लिए और ज्यादा आकर्षक बना दिया है।
रोड टैक्स बढ़ा, लेकिन EV की रफ्तार फिर भी नहीं रुकी
2025 में राज्य सरकार द्वारा रोड टैक्स बढ़ाए जाने के बावजूद ईवी रजिस्ट्रेशन में कोई गिरावट नहीं आई।
- ₹15 लाख तक की ईवी पर: 5% टैक्स
- ₹15–20 लाख की ईवी पर: 8% टैक्स
- ₹20 लाख से अधिक की ईवी पर: 10% टैक्स
इसके बाद भी अगस्त 2025 में 10,904 नई ईवी रजिस्ट्रेशन हुईं, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है। इससे साफ है कि टैक्स बढ़ने का असर ईवी की लोकप्रियता पर नहीं पड़ा।
भरोसा बढ़ा, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अब भी चुनौती
केरल ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सचिव मनोज कुरुप का कहना है कि बाजार में नए ब्रांड्स आने से विकल्प तो बढ़े हैं, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार अभी भी बिक्री की रफ्तार से पीछे है।
घर पर चार्जिंग संभव है, लेकिन फ्लैट और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को अब भी चार्जिंग की दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
इसी बीच ट्रांसपोर्ट कमिश्नर नागराजू चकिलम कहते हैं, “आज के ईवी पहले से कहीं ज़्यादा कुशल हो चुके हैं। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा है। हमारे टैक्स अब भी फॉसिल फ्यूल वाहनों से कम हैं और राज्य भविष्य में फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए भी तैयार होगा।”
2025 में महीने-दर-महीने मजबूत रही EV बिक्री
साल 2025 में ईवी बिक्री का ट्रेंड लगातार स्थिर और मजबूत बना रहा:
- जनवरी: 8,113 वाहन
- अक्टूबर: 9,141 वाहन
- नवंबर: 7,039 वाहन
ये आंकड़े बताते हैं कि यह सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसे राज्य की तस्वीर है जो धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
कीमतों पर असर का विश्लेषण
रोड टैक्स बढ़ने से ईवी की ऑन-रोड कीमतों पर हल्का असर जरूर पड़ा है, लेकिन इसका प्रभाव ज्यादा बड़ा नहीं माना जा रहा:
- ₹15 लाख तक की ईवी पर 5% टैक्स से कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई।
- ₹15–20 लाख सेगमेंट में 8% टैक्स से करीब ₹40,000 से ₹80,000 तक का अंतर आया।
- ₹20 लाख से ऊपर की ईवी पर 10% टैक्स से प्रीमियम मॉडल महंगे हुए, लेकिन इस सेगमेंट के खरीदारों का रुझान कम नहीं हुआ।
👉 कम रनिंग कॉस्ट, कम मेंटेनेंस और फ्यूल खर्च में बचत की वजह से लोग टैक्स बढ़ोतरी को नजरअंदाज कर रहे हैं।
ईवी खरीदने से पहले ध्यान देने वाली 5 अहम बातें
अगर आप ईवी खरीदने की सोच रहे हैं, तो ये बातें जरूर ध्यान में रखें:
- अपनी डेली रेंज तय करें – रोज कितना सफर करना है, उसी मुताबिक बैटरी रेंज चुनें।
- होम चार्जिंग की सुविधा देखें – फ्लैट या किराए के घर में चार्जिंग पहले सुनिश्चित करें।
- सर्विस नेटवर्क जरूर चेक करें – आपके शहर में सर्विस सेंटर उपलब्ध हो।
- सब्सिडी और टैक्स नियम समझें – राज्य और केंद्र सरकार की मौजूदा योजनाएं जान लें।
- री-सेल वैल्यू पर भी नजर रखें – ईवी मार्केट बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में री-सेल बेहतर हो सकती है।
निष्कर्ष
राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता यह साफ दिखाती है कि लोग अब पेट्रोल-डीज़ल से आगे बढ़कर भविष्य की स्मार्ट और किफायती मोबिलिटी को अपना रहे हैं।
रोड टैक्स बढ़ने के बावजूद ईवी बिक्री में जो मजबूती दिखाई दे रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि लोगों का भरोसा इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी पर जम चुका है।
अगर आने वाले समय में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तेज़ी से विकसित हुआ, तो यह राज्य देश के लिए ईवी सेक्टर में एक रोल मॉडल बन सकता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या रोड टैक्स बढ़ने से 2025 में ईवी खरीदना नुकसान का सौदा हो गया है?
नहीं, टैक्स बढ़ने के बावजूद ईवी अब भी कम रनिंग कॉस्ट और कम मेंटेनेंस की वजह से फायदेमंद हैं।
Q2. अभी सबसे ज्यादा कौन-से ईवी बिक रहे हैं?
इस समय इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा बिक रहे हैं, खासकर स्कूटर।
Q3. क्या अपार्टमेंट में रहने वाले लोग ईवी खरीद सकते हैं?
हां, लेकिन चार्जिंग की सुविधा पहले सुनिश्चित करना जरूरी है।
Q4. क्या आने वाले समय में ईवी और सस्ती होंगी?
हां, बैटरी तकनीक सस्ती होने से ईवी की कीमतें आगे और किफायती होने की संभावना है
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी सामान्य रिपोर्ट्स पर आधारित है। वाहन की कीमतें, टैक्स दरें, सब्सिडी और सरकारी नीतियां समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी भी ईवी को खरीदने से पहले संबंधित डीलरशिप या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि जरूर करें। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए लिखा गया है।
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