रिलायंस जियो और NHAI (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) मिलकर राष्ट्रीय हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए Jio NHAI Highway Safety Alert सिस्टम ला रहे हैं। यह हाई-टेक सिस्टम ड्राइवरों को तुरंत चेतावनी देगा, चाहे सड़क बंद हो, कोहरा हो, आवारा जानवर चल रहे हों, ट्रैफिक जाम हो या कोई अन्य संभावित खतरा सामने आए।
इस सिस्टम की पायलट टेस्टिंग पहले ही शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसे पूरे देश के हाईवे नेटवर्क पर लागू किया जाएगा।
Jio NHAI Highway Safety Alert: पायलट टेस्टिंग रूट्स और देशभर में विस्तार की योजना
पहले चरण में यह रियल-टाइम सेफ्टी अलर्ट सिस्टम NH-44 (उत्तर प्रदेश से तमिलनाडु तक) और NH-48 (दिल्ली से महाराष्ट्र तक) पर टेस्टिंग के लिए शुरू हुआ है। आने वाले समय में इसे पूरे भारत के राष्ट्रीय हाईवे नेटवर्क पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
Jio और NHAI का लक्ष्य है कि देश के हर हाईवे पर यात्रा करने वाले यात्रियों को समय पर रियल-टाइम चेतावनी मिल सके, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो और सड़क यात्रा और अधिक सुरक्षित बन सके।
यात्रियों को समय पर मिलेगा अलर्ट
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, यह सिस्टम जियो के बड़े मोबाइल नेटवर्क और NHAI के हाईवे डाटा इंटेलिजेंस को जोड़कर काम करेगा। इसका मकसद हाईवे पर दुर्घटनाओं की संख्या कम करना है। जियो यूजर्स को कम नेटवर्क या इमरजेंसी स्थिति में भी लोकेशन-बेस्ड अलर्ट सीधे उनके फोन पर मिलेंगे।
Jio और NHAI की साझेदारी
- NHAI अपने कमांड सेंटर्स, सेंसर्स, कैमरों और पेट्रोलिंग टीमों से रियल-टाइम हाईवे डाटा उपलब्ध कराएगा।
- जियो मोबाइल कॉल्स, SMS और सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के जरिए अलर्ट भेजेगा।
ध्यान दें: सेल ब्रॉडकास्ट सामान्य SMS की तरह नहीं है। यह किसी भी क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल डिवाइस तक तुरंत पहुँच सकता है।
ड्राइवरों को मिलेंगे ये अलर्ट
जियो यूजर्स को समय-समय पर निम्नलिखित चेतावनियां मिलेंगी:
- दुर्घटना-संभावित या बंद सड़कें
- कोहरा या कम दृश्यता वाले क्षेत्र
- आवारा पशुओं या जानवरों की आवाजाही
- खराब या रुकी हुई गाड़ियां
- अचानक ट्रैफिक बढ़ना या धीमी रफ्तार
- भूस्खलन
- निर्माण कार्य या मौसम से जुड़ी बाधाएं
NHAI का कहना है कि ये अलर्ट ड्राइवरों को सावधानी बरतने, लेन बदलने या वैकल्पिक मार्ग चुनने में मदद करेंगे।
Jio NHAI Highway Safety Alert सिस्टम कैसे काम करता है?
यह अलर्ट मॉडल NHAI के डिजिटल मॉनिटरिंग नेटवर्क, हाईवे कैमरे, ड्रोन, पेट्रोलिंग टीम फीड और AI-सेंसर पर आधारित है। किसी भी घटना का पता चलते ही जानकारी जियो के बैकएंड तक पहुंचती है और प्रभावित मार्ग पर मौजूद सभी मोबाइल उपकरणों पर अलर्ट भेज दिया जाता है।
खास बात: अलर्ट भेजने के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी।
टेक्निकल डिटेल्स AI/IoT और सेंसर
यह अलर्ट सिस्टम AI-सेंसर, ड्रोन, हाईवे कैमरा और पेट्रोलिंग फीड पर आधारित है। AI-सेंसर सड़क पर चलती गाड़ियों, जानवरों और ट्रैफिक को पहचान कर तुरंत अलर्ट भेजते हैं।
किसी भी घटना का पता लगते ही जानकारी जियो के बैकएंड तक पहुंचती है और प्रभावित मार्ग पर मौजूद सभी मोबाइल उपकरणों पर अलर्ट भेज दिया जाता है।
खास बात यह है कि अलर्ट भेजने के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती, जिससे यह हर समय और हर स्थिति में ड्राइवरों को मदद पहुंचा सके।
जियो यूजर्स के लिए आसान और फायदेमंद
- यूजर्स को कोई ऐप इंस्टॉल करने या रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं।
- अलर्ट ऑटोमैटिक और लोकेशन-बेस्ड होंगे।
- रात में यात्रा, कोहरे वाले इलाकों और लंबी दूरी के ट्रक या फ्रेट रूट्स पर यह बेहद मददगार साबित होगा।
कब से शुरू होंगे अलर्ट?
चुने हुए रूट्स पर इसकी पायलट टेस्टिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। जल्द ही इसे पूरे देश के राष्ट्रीय हाईवे पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। NHAI और जियो दोनों ने कहा है कि पूरे नेटवर्क में इसे तेजी से बढ़ाया जाएगा।
इस साझेदारी के साथ भारत स्मार्ट और सुरक्षित हाईवे इकोसिस्टम की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा रहा है। जियो यूजर्स सबसे पहले इस रियल-टाइम सेफ्टी अलर्ट का लाभ उठा पाएंगे।
Jio NHAI Highway Safety Alert के फायदे
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी
- ट्रैफिक मैनेजमेंट और जाम में राहत
- कोहरे या रात में सुरक्षा बढ़ाना
- समय की बचत और वैकल्पिक रूट सुझाना
- लंबी दूरी की यात्रा और फ्रेट/ट्रक रूट्स पर सुरक्षा
निष्कर्ष
जियो और NHAI का यह Jio NHAI Highway Safety Alert सिस्टम भारत के हाईवे पर सुरक्षा को अगले स्तर पर ले जाएगा। ड्राइवरों को समय पर खतरे की जानकारी मिलने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यात्राएं सुरक्षित होंगी।
बिना इंटरनेट या ऐप इंस्टॉलेशन के यह सुविधा सभी जियो यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी। यह कदम भारत के स्मार्ट और सुरक्षित हाईवे इकोसिस्टम की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा।
FAQ – Jio NHAI Highway Safety Alert
Q1: क्या अलर्ट के लिए कोई ऐप इंस्टॉल करना पड़ेगा?
नहीं, अलर्ट ऑटोमैटिक और लोकेशन-बेस्ड होंगे। यूजर्स को कोई ऐप या रजिस्ट्रेशन नहीं करना पड़ेगा।
Q2: अलर्ट सिर्फ जियो यूजर्स को ही मिलेगा क्या?
फिलहाल यह सुविधा जियो नेटवर्क पर ही लागू है। अन्य नेटवर्क के लिए भविष्य में विस्तार की संभावना है।
Q3: क्या अलर्ट भेजने के लिए इंटरनेट की जरूरत होगी?
नहीं, अलर्ट बिना इंटरनेट के भी मोबाइल तक पहुंचाए जा सकते हैं।
Q4: अलर्ट किन परिस्थितियों में आएंगे?
दुर्घटना-संभावित क्षेत्र, बंद सड़क, कोहरा, आवारा जानवर, ट्रैफिक जाम, भूस्खलन, निर्माण कार्य और मौसम से जुड़ी बाधाओं के समय।
Q5: यह सुविधा कब से पूरे देश में उपलब्ध होगी?
पायलट टेस्टिंग कुछ चुने हुए रूट्स पर शुरू हो चुकी है। चरणबद्ध तरीके से इसे पूरे राष्ट्रीय हाईवे नेटवर्क में लागू किया जाएगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक स्रोत (PTI और NHAI) पर आधारित है। इस आर्टिकल का उद्देश्य पाठकों को सूचना देना है। वास्तविक अलर्ट और सुविधाओं के लिए हमेशा आधिकारिक NHAI और जियो घोषणाओं को देखें।
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