भारत के कमर्शियल व्हीकल (CV) सेक्टर ने अक्टूबर 2025 में शानदार वापसी की है। त्योहारों के दौरान बढ़ती लॉजिस्टिक डिमांड और सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में तेजी ने इस सेक्टर को बड़ी मजबूती दी है।
ACMIIL (एसीएमआईआईएल) की रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग सभी प्रमुख ऑटो कंपनियों ने साल-दर-साल (YoY) बेहतर प्रदर्शन किया है। यह संकेत देता है कि देश में फ्रेट (माल ढुलाई) गतिविधियां और समग्र अर्थव्यवस्था दोनों ही मजबूत स्थिति में हैं।
टाटा मोटर्स की बिक्री में फिर लौटी चमक
Tata Motors ने अक्टूबर में अपनी कुल कमर्शियल व्हीकल बिक्री में 9.5% की बढ़त दर्ज की। पिछले कुछ तिमाहियों की सुस्ती के बाद कंपनी के लिए यह लगातार दूसरी बार सकारात्मक नतीजा रहा।
- हेवी और स्मॉल CV सेगमेंट में एकल-अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- पैसेंजर कैरियर व्हीकल्स की बिक्री में 12.3% का इजाफा हुआ।
- कंपनी के निर्यात (Exports) में 56.2% की जबरदस्त छलांग आई, जिससे इसके अंतरराष्ट्रीय बाजार में पकड़ और मजबूत हो गई।
महिंद्रा की दमदार ग्रोथ
Mahindra & Mahindra (M&M) ने अक्टूबर में अपनी CV बिक्री में 14% की वृद्धि दर्ज की। यह उछाल खासतौर पर 2 टन से 3.5 टन LCV (लाइट कमर्शियल व्हीकल) सेगमेंट में रही, जहां बिक्री 13.8% बढ़ी। रिपोर्ट के अनुसार,
- ग्रामीण इलाकों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियां
- और त्योहारों की मांग ने कंपनी की परफॉर्मेंस को मजबूती दी। हालांकि, मीडियम और हेवी ट्रक-बस सेगमेंट में 1.5% की हल्की गिरावट देखने को मिली।
अशोक लेलैंड और एसएमएल इसुज़ु की मजबूत वापसी
एसएमएल इसुज़ु ने अक्टूबर में 32.2% साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की, जो कार्गो और पैसेंजर दोनों सेगमेंट में बढ़ती मांग का नतीजा रही। वहीं, अशोक लेलैंड ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 16.4% की ग्रोथ हासिल की।
- M&HCV सेगमेंट में 15.5%
- LCV सेगमेंट में 17.8% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। सड़क निर्माण, त्योहारों की मांग और पिछले साल के कमजोर बेस इफेक्ट ने कंपनी की ग्रोथ को बल दिया। कंपनी के निर्यात में भी 21.2% का इजाफा दर्ज हुआ।
आईशर मोटर्स ने बनाया रिकॉर्ड, निर्यात में 133% की छलांग
Eicher Motors के VECV डिविजन ने अक्टूबर में 13.2% की वृद्धि दर्ज की। घरेलू बिक्री में 6.9% की बढ़त रही, जबकि निर्यात में 133.7% का रिकॉर्ड उछाल देखा गया कंपनी के लाइट और मीडियम ड्यूटी ट्रक व बस सेगमेंट में लगातार मांग बढ़ रही है, जिससे आईशर को बाजार में नई ताकत मिली है।
पीछे किसने हाथ थामा? — प्रमुख कारण
- इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी: सरकार-प्रायोजित सड़क, ब्रिज, मेट्रो आदि प्रोजेक्ट्स ने लॉजिस्टिक ट्रैफिक और वाणिज्यिक वाहन-मांग को बढ़ावा दिया।
- त्योहारों की सीजनल मांग: अक्तूबर में कई बड़े त्योहारों के कारण माल-ढुलाई बढ़ी, जिससे ट्रक-बस व लॉजिस्टिक वाहनों की जरूरत बढ़ी।
- फ्रेट मूवमेंट में uptick: अर्थव्यवस्था में हल्की गति आने के साथ लेन-देनों में तेजी आई है, जिससे मालवाहक वाहनों की मांग बढ़ी।
- बेस इफेक्ट और सेक्टर रिकवरी: पिछले साल कुछ कंपनियों का आधार कमजोर था, इसलिए इस साल की बढ़ोतरी और बेहतर दिख रही है।
- निर्यात में तेजी: कई कंपनियों के लिए घरेलू बाज़ार के साथ-साथ विदेशों में भी डिमांड बढ़ी, जिससे कुल बिक्री को बूस्ट मिला।
- सेगमेंट-शिफ्ट: LCV सेगमेंट में खासतौर पर हल्की-मध्यम क्षमता वाले वाहनों की मांग बढ़ी है, जो लागत-प्रभावी विकल्प हैं।
किस सेगमेंट में विशेष बढ़त दिखी?

आगे क्या हो सकता है? — सेक्टर आउटलुक
विश्लेषकों का मानना है कि इस गति को कायम रखना चुनौती हो सकती है, लेकिन गमभीर संकेत हैं कि सेक्टर रिकवरी की स्थिति में स्थिर हो रहा है। उदाहरणस्वरूप: पहला छमाही (H1) FY26 में घरेलू CV वॉल्यूम्स में लगभग 4 % की बढ़त देखने को मिली। कुछ ध्यान देने योग्य बातें:
- यदि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और लॉजिस्टिक गतिविधि में निरंतरता बनी रही तो आने वाले तिमाहियों में ग्रोथ बनी रह सकती है।
- दूसरी ओर, मंहगाई, ब्याज दरें, कच्चे माल की क़ीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं सेक्टर के लिए जोखिम बने हुए हैं।
- विशेष रूप से M&HCV (मध्यम व भारी कमर्शियल वाहन) सेगमेंट में अभी भी चुनौतियाँ हैं — जैसे निर्माण/खनन गतिविधियों की सुस्ती।
निष्कर्ष
अक्टूबर 2025 में भारत के कमर्शियल व्हीकल सेक्टर ने एक भरोसा देने वाली बढ़त दिखाई है, प्रमुख कंपनियों ने बढ़ोतरी दर्ज की, निर्यात ने नया रुझान दिखाया और घरेलू मांग में नए संकेत मिले।
यदि इन ट्रेंड्स को कायम रखा गया तो आने वाले महीनों में यह सेक्टर अपने पुराने तेज चाल पर लौट सकता है।
FAQ
Q1: अक्टूबर में CV-सेक्टर को बढ़ावा देने वाला सबसे प्रमुख कारण क्या था?
त्योहार-सीजन की लॉजिस्टिक मांग, साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की गति — ये दोनों मिलकर बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
Q2: कौन-से कंपनियों ने सबसे ज्यादा ग्रोथ दिखाई?
SML Isuzu (~32.2%), Eicher–VECV (निर्यात में ~133.7% उछाल) प्रमुख हैं। इसके साथ Tata Motors व Mahindra ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।
Q3: क्या यह बढ़त स्थाई होगी?
फिलहाल संकेत सकारात्मक हैं, लेकिन मंहगाई, ब्याज दरें, वैश्विक अनिश्चितताएं जैसे कारक सतर्क रहने की जरूरत बताते हैं।
Q4: किस सेगमेंट में सबसे ज्यादा उछाल है?
LCV सेगमेंट और निर्यात-उन्मुख मॉडल विशेष रूप से आगे दिख रहे हैं।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट विभिन्न कंपनियों और ACMIIL के आधिकारिक डेटा पर आधारित है। सभी आंकड़े अनुमानित या कंपनी रिपोर्ट से लिए गए हैं। पाठक निवेश या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।
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